डॉक्टर ने कहा-पहले आता है बुखार फिर 10 दिनों तक रहती है सूजन
बाँदा। नाक-कान-गला रोग विशेषज्ञ डॉक्टर महेश कुमार गुप्ता ने बताया, कि सर्दी में गला खराब,जुखाम, गलसुआ के मरीज आ रहे हैं।बताया कि पहले मरीज को बुखार आता है। इसके बाद मरीज के दोनों गालों के पास सूजन आ जाती है।उनका कहना है,कि ट्रापलेट इंन्फेक्शन हो जाता है। उन्होंने बताया,कि बुखार तो ठीक हो जाता है,लेकिन गलसुआ की सूजन खत्म होने में 10 दिन का समय लग जाता है।जिला अस्पताल में फिजीशियन समेत कई डॉक्टर छुट्टी पर रहे।इतना ही नहीं हड्डी रोग विभाग में 5 डॉक्टरों की तैनाती की जगह एक ही डॉक्टर अपने ओपीडी में नजर आए।मरीजों को डॉक्टरों के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा।सर्दी के साथ बीमारियां बढ़ने लगी हैं।डायरिया, बुखार,श्वांस के साथ अब गलसुआ के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। डायरिया और बुखार से पीड़ित 10 मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।डॉक्टरों ने इस मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दी है।
दिसंबर माह का एक पखवारा बीतने को है।सर्दी से मासूम बच्चे निमोनिया और बुजुर्ग श्वास से पीड़ित होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।इसके अलावा सर्दी जुखाम,बुखार,गले में खरास, डायरिया,बुखार के साथ गलसुआ के मरीजों की संख्या बढ़ रही है।सुबह अस्पताल खुलने से पहले मरीजों की भीड़ जिला अस्पताल और मंडलीय अस्पताल के पर्चा काउंटर में जमा हो जाती है।डायरिया और बुखार से पीड़ित रोहन (7 माह) निवासी जरैली कोठी, संपत (45) निवासी मुकेरा नरैनी, रीतू (30) निवासी कमासिन, देवीदीन (27) निवासी खाईंपार, अजय सिंह (29) निवासी बिजली खेड़ा, पवन (15) निवासी नेवादा, नीलू (24) निवासी भूरागढ़, सरोजनी (65)निवासी पुलिस लाइन, रमजान (8 माह) निवासी नरैनी, शिवम (20) निवासी कटरा को भर्ती कराया गया। वरिष्ठ बाल्य रोग विशेषज्ञ आरके गुप्ता ने बताया,कि सर्दी से निमोनिया डायरिया के मरीज आ रहे हैं।सर्दी होने पर चिकित्सक से संपर्क करें।
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