लखनऊ। दुनिया में तमाम भारतीय युवा देश का नाम रोशन कर रहे हैं। तमाम युवा देश के भीतर भी स्वरोजगार, सामाजिक कार्यों तथा राजनीति में अपनी नेतृत्व छमता की वजह से आगे बढ़ रहे हैं। इन्हें कॉलेज स्तर से ही नेतृत्व करने की कला सिखाई जाए तो यही युवा देश के लिए एक बहुमूल्य आभूषण बनकर उभरेंगे।
शिक्षा मंत्रालय को चाहिए कि ऐसे विषयों को जोड़ा जाये। ये बातें भारतीय युवा जागरूक समाज के अध्यक्ष इंजीनियर रवि कान्त पटेल ने कहीं। उन्होंने कहा कि महाविद्यालयों में कुछ वर्ष पहले तक चुनाव होता था जिसमें विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता विकसित होती थी लेकिन अब की सरकारों ने महाविद्यालय स्तर से चुनाव प्रक्रिया ही खत्म कर दी। सरकार को चाहिए पुन: महाविद्यालयों में चुनाव प्रक्रिया को बहाल किया जाये। इससे युवाओं में भी नेतृत्वकर्ता बनने उम्मीद बने।
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