मुंबई। मराठा आरक्षण से संबंधित मांगों को लेकर कार्यकर्ता मनोज जरांगे शनिवार से अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे हैं। अनशन के चार दिन बाद, मंगलवार को डॉक्टरों की सलाह के बावजूद उन्होंने नसों के माध्यम से तरल पदार्थ (आईवी फ्लुइड) लेने से इनकार कर दिया।
जरांगे ने शनिवार को महाराष्ट्र के जालना जिले में अंतरवाली सराटी गांव से नए सिरे से भूख हड़ताल शुरू की है। वह मराठा समुदाय को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के तहत आरक्षण देने की मांग कर रहे हैं।
सरकारी अस्पताल के एक दल ने मंगलवार सुबह उनकी जांच की। उनका ब्लड प्रेशर और शुगर स्तर कम था। डॉक्टरों ने उन्हें नसों के माध्यम से शरीर में तरल पदार्थ लेने की सलाह दी। उधर, जरांगे ने इस तरह से आहार लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि मराठा समुदाय उन्हें सबक सिखाएगा।
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