लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने दिल्ली विधानसभा आमचुनाव के असंभावित नतीजे तथा बीएसपी पार्टी व बहुजन मूवमेन्ट के हित के ख़ास मुद्दों को लेकर, सोमवार को दिल्ली व अन्य पड़ोसी राज्यों के वरिष्ठ पदाधिकारियों व ज़िम्मेदार लोगों की एक बैठक की।
बैठक में पदाधिकारियों को आगे के लिए ज़रूरी दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि दिल्ली चुनाव भी दो पार्टियों के बीच ज्यादातर राजनीतिक द्वेष, छल व चुनावी छलावा आदि वाला होने के कारण यहाँ के बहुजनों की स्थिति बदतर रहकर सही से सुधरने वाली नहीं लगती है अर्थात् लोगों के उनके अपने थोड़े ’’अच्छे दिन’’ के लिए आगे भी तरसते रहना पड़ेगा।
दिल्ली विधानसभा आमचुनाव भी, हरियाणा की तरह ही, हालाँकि बी.एस.पी. के लोगों ने पूरी दमदारी के साथ संघर्ष किया, किन्तु विरोधी पार्टियों की जबरदस्त राजनीतिक चालबाजी व जुमलेबाजी आदि के साथ ही भाजपा व आप पार्टी की सरकारी छत्रछाया ज्यादातर हावी रही और इस कारण बी.एस.पी. को अपेक्षित परिणाम नहीं मिल सका, किन्तु पार्टी के लोगों को इससे निराश ना होकर अपने आत्म-सम्मान का अम्बेडकरवादी संघर्ष पूरे तन, मन, धन से जारी रखना है।
वैसे भी, सभी को यह याद रखने की बात है कि देश में बी.एस.पी. एक ऐसी अम्बेडकरवादी सोच-सिद्धान्त वाली पार्टी है जिसने अपने संघर्ष के बल पर अनेकों राजनीतिक व चुनावी सफलतायें प्राप्त की हैं तथा ख़ासकर उत्तर प्रदेश जैसे विशाल व राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य में चार बार रही अपनी सरकारों के दौरान खासकर गरीबों व बहुजन समाज के लोगों कोे आत्म-सम्मान व स्वाभिमान दिलाने तथा ’’सामाजिक परिवर्तन व आर्थिक मुक्ति’’ का युग परिवर्तनीय कार्य किया है।
जिस कारण ही यूपी ही नहीं बल्कि देश की सभी जातिवादी, पूंजीवादी व साम्प्रदायिक शक्तियाँ एकजुट होकर बी.एस.पी व उसके आयरन लेडी नेतृत्व को साम, दाम, दण्ड, भेद आदि अनेकों घिनौने हथकण्डे अपनाकर कमजोर करने में लगातार लगी हुई हैं, जिनसे हार नहीं मानना है बल्कि अपने संघर्ष व अपने एकमात्र सच्चे मसीहा संविधान निर्माता परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर द्वारा दिए गए वोट के अधिकार के बल पर सत्ता की मास्टर चाबी हासिल करने के अपने लक्ष्य की ओर बिना थके व हारे लगातार अग्रसर रहना है।
इसके अलावा, सुश्री मायावती जी ने कहा कि अपने देश में मजबूरी का पलायन ;कपेजतमेे उपहतंजपवदद्ध अर्थात रोटी-रोज़ी के लिए चाहे गाँव से शहर की तरफ का पलायन हो, एक राज्य से दूसरे राज्य की ओर या फिर विदेश तक जाने की लाचारी हो, इससे यह साबित है कि देश में सब कुछ पूरी तरह से सही और सामान्य नहीं होकर ख़ासकर अर्थव्यवस्था तथा जनहित व जनकल्याण की सरकारी नीति व कार्यकलाप के स्तर पर बहुत कुछ बहुजन-हितैषी नहीं चल रहा है।
इसी सिलसिले में अमेरिका में अवैध प्रवासी बताकर सैकड़ों भारतीयों को हथकड़ी व पाँव में बेड़ी डालकर लगातार घर वापस किए जाने की घटना को अति-दुखद व चिन्तनीय बताते हुए उन्होंने कहा कि अमेरिका जैसे ’’मित्र देश’’ से ज्यादातर पंजाब, हरियाणा, गुजरात व उत्तर प्रदेश आदि राज्य के रहने वाले भारतीय नागरिकों की इस अमानवीयता से घर वापसी के प्रति केन्द्र की सरकार को उचित संज्ञान लेकर इसका समाधान निकालना चाहिए।
इसी दौरान अमेरिका से यह ख़बर काफी चौंकाने वाली है कि भारत के ’’वोटरों की संख्या को बढ़ाने’’ के नाम पर 21 मिलियन डालर की भारी भरकम धन मिलती रही है। देश के लोगों को इससे जरूर चौकन्ना हो जाना चाहिए कि कहीं यह स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव में हस्तक्षेप तो नहीं है और अगर है तो इससे किसको लाभ मिलता रहा है।
इसके अलावा, अगले माह दिनांक 15 मार्च को बहुजन समाज पार्टी के जन्मदाता एवं संस्थापक बहुजन नायक मान्यवर श्री कांशीराम जी की जयंती के मौके पर आयोजित होने वाले आल-इण्डिया कार्यक्रमों की रूपरेखा के बारे में भी बी.एस.पी. प्रमुख सुश्री मायावती जी ने बताया कि इस बार दिल्ली प्रदेश के लोग नोएडा नहीं जाकर बल्की नई दिल्ली में स्थित ’’बहुजन प्रेरणा केन्द्र’’ में अपने श्रद्धा-सुमन करेंगे।
इसी प्रकार, दिनांक 9 अक्तूबर को उनके निर्वाण दिवस पर होने वाला श्रद्धा-सूमन अर्पित कार्यक्रम भी दिल्ली प्रदेश के लोग नई दिल्ली बहुजन प्रेरणा केन्द्र में ही आयोजित करेंगे, जबकि देश के अन्य राज्यों में बी.एस.पी. के लोग उनकी जयंती पहले की ही तरह मण्डल अथवा राज्य स्तर पर विचार संगोष्ठी आदि के कार्यक्रम आयोजित करके मनाएंगे।
जहाँ तक उत्तर प्रदेश में मान्यवर श्री कांशीराम जी की जयंती कार्यक्रम का मामला है, तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश में केवल मेरठ मण्डल के बी.एस.पी. के सभी लोग, पूर्व की तरह ही, यूपी के ज़िला गौतम बुद्ध नगर के नोएडा में माननीया बहनजी की सरकार द्वारा स्थापित उत्पेरक ’’राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल’’ में बी.एस.पी. के जन्मदाता एवं संस्थापक मान्यवर श्री कांशीराम जी को अपने श्रद्धा-सुमन अर्पित करेंगे और पार्टी व मूवमेनट को आगे बढ़ाने का पुनः संकल्प लेंगे।
इसके साथ ही यूपी में केवल लखनऊ मण्डल के पार्टी के छोटे-बड़े सभी लोग राजधानी लखनऊ में बी.एस.पी. सरकार द्वारा स्थापित किए गए विशाल एवं भव्य ’’मान्यवर श्री कांशीराम जी स्मारक स्थल’’ पर पहुँचकर बहुजन नायक मान्यवर श्री कांशीराम जी को अपने श्रद्धा-सुमन अर्पित करेंगे तथा उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे, जबकि यूपी के बाकी सभी मण्डलों के बी.एस.पी. के लोग अपने-अपने जिले व मण्डल में ऐसे ही कार्यक्रम हर वर्ष ही की तरह विचार संगोष्ठी आदि आयोजित करके बी.एस.पी. सरकार द्वारा यूपी में पार्टी की सरकार के दौरान जनहित एवं जनकल्याण तथा अपराध नियंत्रण व कानून व्यवस्था के मामले में ’’कानून द्वारा कानून का राज’’ स्थापित करने जैसे बेहतरीन व ऐतिहासिक कार्यों के बारे में लोगों को जागृत करेंगे।
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