149.47 करोड़ की लागत से बनाया जा रहा एसटीपी प्लांट
अयोध्या। सरकार अयोध्या को विश्व की सबसे सुंदर नगरी बनाने का प्रयास कर रही है। नगर निगम अयोध्या सीमा के अन्तर्गत सभी नालों का दूषित पानी फिलहाल सरयू में ही जाता है। लेकिन अब जल्द ही नगर के सभी नालों का दूषित पानी एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) के माध्यम से सरयू में डाला जाएगा। 33 एनएलडी का या एसटीपी प्लांट जमथरा के निकट निर्माणाधीन है। जून में इसके शुरू होने की संभावना है।
जल निगम के अधिशासी अभियन्ता अरविन्द यादव ने बताया कि 33 एमएलडी एसटीपी का निर्माण एक नग 41.50 पम्प का मुख्य पम्पिय स्टेशन, ग्रेविटी मेन्स 4.14 किमी 400 मी. राइजिंग मेन, 15 नालों का इन्टरसेप्शन एवं डायवर्जन, 1450 मी. सम्पर्क मार्ग एवं 15 वर्षों का रख-रखाव के साथ 149.47 करोड़ रुपए की लागत से कार्यदायी संस्था उप्र जल निगम (ग्रामीण) द्वारा संस्था ईपीईपीएल अयोध्या एसटीपी लि. के सहयोग से किया जा रहा है। उन्होंने बाताया कि नगर निगम सीमान्तर्गत अवस्थित नालों के दूषित जाल के शोधन के दृष्टिगत जमथरा के निकट सीवरेज ट्रीटमेन्ट प्लांट का निर्माण कराया जा रहा है। 15 नालों के दूषित जाल का शोधन किया जाएगा। वर्तमान में परियोजना गतिमान है।
जून 2024 के अन्तिम सप्ताह से कमीशनिंग /टेस्टिग व नालों के दूषित जल के शोधान का कार्य प्रारम्भ हो जाएगा। उन्होंने कहा कि नमामि गंगे परियोजना के तहत निर्माणाधीन 33 एमएलडी एसटीपी का कार्य किया जा रहा है। इसके बाद जल निगम क्रियान्वयन के साथ परिसर के रिक्त स्थलों एवं आसपास के क्षेत्र में सघन पौधरोपण किया जाएगा। वर्तमान में नगर निगम क्षेत्र में स्थित नाली के दूषित जल शोधन का कार्य किया जा रहा है।
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