प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लिया अपडेट
चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले में बदरीनाथ के पास माणा में शुक्रवार को आए एवलॉन्च के बाद मलबे में दबे बीआरओ मजदूरों के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन दूसरे दिन भी जारी है. माणा एवलॉन्च रेस्क्यू ऑपरेशन में ज्योतिर्मठ बेस कैम्प से हेली रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है. अभी सेना के दो चेतक हेलीकॉप्टर बदरीनाथ रेस्क्यू के काम में लगे हैं. अब तक 47 मजदूरों का रेस्क्यू कर लिया गया है. अब 8 मजदूरों के लिए सर्च और रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है.
सड़क मार्ग पर लामबगड़ से आगे भारी हिमपात के कारण बंद है. लिहाजा अब हेली रेस्क्यू ऑपरेशन पर पूरा फोकस किया जा रहा है. इधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड के सीएम धामी से रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर अपडेट लिया.
माणा एवलॉन्च रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर आज सुबह की अच्छी खबर ये है कि क्षेत्र में अब मौसम सामान्य हो चला है. बर्फबारी थमने के बाद अब बेस कैम्प जोशीमठ से हेली रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हो गया है. डीएम चमोली से लेकर आपदा प्रबंधन के तमाम अधिकारी ज्योतिर्मठ में मौजूद हैं.
इधर करीब 150 बचाव कर्मी भी जोशीमठ और गोविंद घाट गुरुद्वारे से बदरीनाथ माणा के समीप एवलॉन्च रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए रवाना हो गए हैं. सीएम धामी भी रेस्क्यू ऑपरेशन की मॉनिटरिंग के लिए जोशीमठ पहुंचे हैं. फिलहाल बीआरओ/प्रशासन ने एवलॉन्च की चपेट में आए मजदूरों की लिस्ट भी जारी कर दी है.
गौरतलब है कि बदरीनाथ से 3 किलोमीटर आगे माणा के पास एवलॉन्च की चपेट में आने से बीआरओ के लिए काम कर रहे 55 मजदूर मलबे में दब गए थे. इनमें से 47 मजदूरों का सेना के द्वारा रेस्क्यू कर दिया गया है. 41 मजदूरों का सेना अस्पताल माणा में उपचार किया जा रहा है. 6 मजदूरों को ज्योतिर्मठ सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है. एवलॉन्च के मलबे में दबे 8 मजदूरों के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है.
कुल 55 मजदूरों के नाम जारी कर दिए गये हैं. इनमें से 42 मजदूरों के राज्यों की जानकारी मिल गई है. बिहार के 11, उत्तराखंड के 11, उत्तर प्रदेश के 11, हिमाचल के 7, जबकि पंजाब और जम्मू कश्मीर के एक-एक मजदूरों की जानकारी फिलहाल मिली है. वहीं, 13 मजदूरों के राज्यों की अभी पुष्टि नहीं हुई है.
शनिवार सुबह साढ़े 7 बजे से रेस्क्यू कार्य में तेजी लाई गई है. सेना के दो चेतक हेलीकॉप्टरों के द्वारा रेस्क्यू कार्य किया जा रहा है. कल तीन मजदूरों को ज्योतिर्मठ सैन्य अस्पताल में लाया गया था. आज भी 3 लोगों को यहां लाया गया है. इस तरह ज्योतिर्मठ सैन्य अस्पताल में 6 लोग भर्ती हैं. वहीं चमोली के जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने देर रात से ही ज्योतिर्मठ सैन्य अस्पताल पहुंचकर सभी को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश भी दिए हैं. वहीं आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ज्योतिर्मठ पहुंचे. उन्होंने हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू कार्य का निरीक्षण किया. संबंधित सैनिक अधिकारियों से उन्होंने बात भी की.
आपको बताते चलें कि हनुमान चट्टी से बदरीनाथ की दूरी लगभग 20 किलोमीटर है. 20 किलोमीटर के दायरे में 6 से 8 फीट बर्फ सड़क में पड़ी हुई है. इसके चलते यहां से आवाजाही करना मुश्किल हो गया है. जो लोग शुक्रवार को रेस्क्यू कार्य के लिए जोशीमठ से भेजे गए थे, वह भी देर शाम गोविंद घाट तक ही पहुंच पाए. क्योंकि हाईवे पर ज्यादा बर्फबारी होने से पैदल आवाजाही करने में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
आज फिलहाल मौसम साफ है. उम्मीद है कि हेलीकॉप्टर से लगातार रेस्क्यू कर एवलॉन्च के मलबे में फंसे शेष लोगों को भी आज रेस्क्यू कर लिया जाएगा. ज्योतिर्मठ, गौचर और देहरादून के अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा गया है. घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने के प्रयास हो रहे हैं. शुक्रवार शाम तक 33 कर्मियों का रेस्क्यू सकुशल किया गया था. अंधेरा होते ही रेस्क्यू कार्य को बीच में ही रोकना पड़ा. आज सुबह 7:30 बजे से ही सेना के द्वारा रेस्क्यू कार्य शुरू किया गया है. सुबह से ही लगातार रेस्क्यू अभियान में सेना, आईटीबीपी, पुलिस, प्रशासन तमाम टीमें लगी हुई हैं. आज सुबह 14 और लोगों को रेस्क्यू किया गया है. इस तरह अब तक कुल 47 लोगों का रेस्क्यू कर लिया गया है. अब 8 लोगों का रेस्क्यू और किया जाना है. 6 लोगों को ज्योतिर्मठ अस्पताल में भर्ती कराया गया है. 41 लोग माणा में भर्ती हैं.
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