नरैनी गौशाला मे जाने के लिए लेनी पड़ेगी परमिश
बाँदा। गौ रक्षा समिति के तहसील अध्यक्ष सोनू करवरिया एवं समाजसेवी उमेश तिवारी रिसौरा, तरखरी एवं नरैनी की अस्थाई गौशाला का निरीक्षण करने गए तो उमेश तिवारी ने बताया,कि रिसौरा एवं तरखरी की गौशाला गौवंशौं के लिए हत्या शाला है,दोनों ही गौशालाओं मे कोई कर्मचारी नहीं मिला देखने पर ऐसा प्रतीत होता है,जैसे हफ्तों से सफाई नहीं की गयी,गौवंश गोबर पर ही बैठने को मजबूर हैं,चारो तरफ गोबर का अम्बार लगा है,चारो तरफ से बदबू आ रही है,रिसौरा मे गौवंश कराह रहें हैं तो वहीँ तरखरी मे भूख से बेहाल गौवंश गोबर से बीन बीन पुवाल खा रहे हैं,पानी की टंकी ऐसा लगता है महीनों से साफ नहीं किया गया है, उसमें काई जमीं है कीड़े है,खाने की चरही मे महीनो से भूसा नहीं डाला गया है,हालांकि तरखरी गौशाला के बगल मे पुवाल की कटिया है,लेकिन गौवंशों को कोई डालने वाला नहीं है उसमे ताला लगा है,सोनू करवरिया बताते हैं कि नरैनी गौशाला 5 कर्मचारी मिले जिसमे से एक संविदा कर्मचारी दो आउटसोर्सिंग कर्मचारी थे और दो औजीदार थे,जो संविदा कर्मचारी जगशरण और करन की जगह मे काम कर रहें थे।हमने उनसे कहा कि हमें भूसा,गुड़,चना,नमक का स्टॉक दिखाया जाए,जिससे पता चले की गौवंशों के लिए पर्याप्त स्टॉक है या नहीं तो वहाँ के कर्मचारी द्वारा मना कर दिया गया,कहा गया कि हमें अनुमति नहीं है,हम नहीं दिखा सकते हमारे बाबू का आदेश है।उमेश तिवारी ने बताया की नगर पंचायत नरैनी के लिपिक शिवओम द्विवेदी इस गौशाला के प्रभारी है वो गौशाला की बदहाल व्यवस्था को छिपाने की कोशिश कर रहें हैं,क्योंकि हम समाजसेवी द्वारा गौवंश की रक्षा,रख रखाव व्यवस्था को लोगों तक लगातार दिखाया जा रहा है और सम्बंधित अधिकारी तक गौशाला के सुधार हेतु शिकायत की जा रही है,जिससे उन्हें तकलीफ होती है,इस कारण से शायद उन्होंने यह आदेश दे दिया की हम लोगों को अंदर ना आने दिया जाए और न ही इन्हें कुछ दिखाया जाए।इस पर सोनू करवरिया ने नाराजगी जताते हुए कहा कि हम इनकी शिकायत जिलाधिकारी को करेंगे और अगर व्यवस्था मे सुधार न हुआ तो मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजेंगे और फिर भी कुछ न हुआ तो गौ हित मे आंदोलन करने पर बाध्य होंगे।
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