लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने महाकुंभ में अव्यवस्थाओं को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार महाकुंभ के आयोजन में बुरी तरह फेल हो गई है। यातायात व्यवस्था, सफाई और पानी की गुणवत्ता में सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है।
संगम के जल की शुद्धता को लेकर केंद्र और राज्य के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड आपस में उलझे हुए हैं, लेकिन सरकार इस समस्या का कोई समाधान निकालने में असमर्थ रही।कानपुर में मीडिया से बात करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार अब “डबल ब्लंडर” सरकार बन चुकी है। महाकुंभ में व्यवस्था के नाम पर केवल भ्रष्टाचार किया गया। गंगा की सफाई के नाम पर बड़े-बड़े दावे किए गए, लेकिन हकीकत यह है कि पूरा बजट साफ कर दिया गया, जबकि गंगा का पानी आज भी गंदा ही है।
सरकार ने सड़कें दुरुस्त करने के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए, लेकिन हकीकत यह है कि वे सड़कें पहले से भी बदतर हालत में हैं।महाकुंभ में भगदड़ के दौरान कई श्रद्धालुओं की मौत हुई, लेकिन सरकार ने न तो उनकी सही संख्या बताई और न ही उनके परिजनों की कोई मदद की। यात्रा के दौरान हुई दुर्घटनाओं में कई श्रद्धालुओं की जान चली गई, लेकिन भाजपा सरकार ने उन परिवारों को कोई राहत नहीं दी। सरकार के पास श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए कोई ठोस योजना नहीं थी, जिससे महाकुंभ में अराजकता की स्थिति बनी रही।
अखिलेश यादव ने भाजपा पर धार्मिक भेदभाव करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब वे कन्नौज के एक मंदिर में दर्शन करने गए थे, तो उनके जाने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने वहां गंगा जल से धुलाई करवाई थी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब जब उन्होंने महाकुंभ में गंगा स्नान कर लिया है, तो भाजपा बताए कि गंगा जी को वे किससे और कैसे शुद्ध करेंगे?भाजपा सरकार की आर्थिक और सामाजिक नीतियों पर हमला बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा लगातार पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की उपेक्षा कर रही है।
पिछले नौ बजटों में पीडीए समुदाय को सरकार ने कोई महत्व नहीं दिया। बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने संविधान के माध्यम से इन वर्गों को सम्मान और अधिकार दिए थे, लेकिन भाजपा सरकार धीरे-धीरे आरक्षण व्यवस्था को खत्म कर रही है। विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों में पीडीए समुदाय के लिए कोई उच्च पद सुरक्षित नहीं किया गया है, जिससे साफ जाहिर होता है कि भाजपा सरकार भेदभाव की नीति पर काम कर रही है।उन्होंने कहा कि जनता भाजपा सरकार की सच्चाई अब जान चुकी है। पीडीए के लोगों ने इस बार भाजपा को रिकॉर्ड वोटों से हराने का मन बना लिया है।
2027 के विधानसभा चुनावों में भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ेगा और समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी।अखिलेश यादव ने कहा कि महाकुंभ श्रद्धालुओं की आस्था का पर्व है और यह आयोजन जनता का होता है, लेकिन भाजपा सरकार इसमें भी असफल रही। जब सरकार से सवाल पूछे जाने लगे तो मुख्यमंत्री ने विधानसभा में उर्दू भाषा को लेकर विवादित बयान दे दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को यह भी नहीं पता कि उर्दू भारत की ही भाषा है, जो यहीं पली-बढ़ी और विकसित हुई है। सदन में जब मुख्यमंत्री ने उर्दू के बारे में अनर्गल बातें कहीं, तो स्पीकर ने उन्हें रोकने के बजाय मुस्कुराकर समर्थन दिया।
यह लोकतंत्र की सबसे बड़ी हत्या है।व्यापारियों और उद्योगों की हालत पर चिंता व्यक्त करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार की गलत नीतियों के कारण कानपुर के व्यापार और उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। कानपुर एक समय औद्योगिक नगरी के रूप में जाना जाता था, लेकिन भाजपा के शासन में यहां के उद्योग-धंधे ठप हो गए हैं। कानपुर के लोगों ने भाजपा सरकार के सांसद, विधायक और स्पीकर सब देख लिए, लेकिन इनमें से किसी ने भी शहर के विकास और रोजगार सृजन के लिए कुछ नहीं किया।गंगा की सफाई को लेकर भाजपा सरकार के दावों को खारिज करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि कानपुर में गंगा की स्थिति आज भी बदहाल है।
केंद्र और राज्य सरकार की एजेंसियां आपस में ही लड़ रही हैं, लेकिन जल को साफ करने की दिशा में कोई काम नहीं हो रहा है।अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी चाहती है कि कानपुर के उद्योग फिर से अपने पुराने स्वरूप में लौटें। कानपुर कभी प्रदेश की अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाता था, लेकिन भाजपा सरकार इसे लगातार उपेक्षित कर रही है। हाल ही में पेश किए गए बजट में भी कानपुर के लिए कोई विशेष प्रावधान नहीं किया गया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि भाजपा सरकार को कानपुर और प्रदेशवासियों की कोई चिंता नहीं है।
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