Home कौशांबी महाकुम्भ आस्था, अध्यात्म तथा संस्कृति का संगम ही नहीं बल्कि भारत की एकता एवं सांस्कृतिक अखंडता का संदेश भी है-जयवीर सिंह
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महाकुम्भ आस्था, अध्यात्म तथा संस्कृति का संगम ही नहीं बल्कि भारत की एकता एवं सांस्कृतिक अखंडता का संदेश भी है-जयवीर सिंह

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महाकुम्भ में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ भक्ति और विरासत का उत्सव शुरू होगा। देश के जाने माने कलाकार तथा पद्मश्री, पद्मभूषण तथा पद्मविभूषण से सम्मानित विभिन्न विधाओं के कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। इसके लिए परेड ग्राउण्ड सेक्टर-1 में 10 हजार क्षमता का गंगा पंडाल स्थापित किया गया है। इसके अतिरिक्त युमना, सरस्वती पंडाल में भी कल से सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू होगे।
यह जानकारी प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि त्रिवेणी पंडाल में 21 जनवरी से लगातार सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत सुरो का संगम होगा। कल 16 जनवरी को फिल्मी दुनिया के जाने माने गायक शंकर महादेवन तथा यमुना पंडाल में काशी के संस्कृति विद्यालय के विद्यार्थी मंगलाचरण पेश करेंगे। उन्होंने बताया कि पहले दिन सरस्वती पंडाल में नौटंकी का रंगारंग प्रस्तुतीकरण होगा। पद्मश्री रामदयाल शर्मा अपने 30 सदस्यीय टीम के साथ कृष्ण सुदामा के मित्रता की कहानी को पेश करेगे।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि इन पंडालों के अलावा दो हजार दर्शकों की क्षमता वाला अन्य पंडाल भी बनाये गये हैं। इन पंडालों में उ0प्र0 समेत देश के अन्य ख्याति प्राप्त कलाकार विभिन्न विधाओं में अपनी प्रस्तुती देगे। इसमें ऋत्विक सान्याल वाराणसी, विचित्रानंदा भुवनेश्वर, ओडीशी नृत्य कुशलदास कोलकाता सितारवादन, सान्या पाटनकर राजस्थान शास्त्रीय गायन, सहीराम पाण्डेय गोण्डा आल्हागायन, सरिता मिश्रा लखनऊ लोकगायन, रामप्रसाद प्रयागराज बिरहागायन, पियूषा कैलाश अनुज दिल्ली भजनगायन, आरूषी मुद्गल दिल्ली ओडीशी नृत्य तथा अमरजीत सोनभद्र जनजातीय लोकनृत्य प्रस्तुत करेगे।

श्री जयवीर सिंह ने बताया कि सरस्वती पंडाल में सौरभ बनौधा सोनभद्र, बंसी वाद्यवृंद, श्वेता दुबे वाराणसी भजनगायन, श्रुति मालवीय लखनऊ भजनलोकगायन, पद्मश्री रामदयाल शर्मा दिल्ली शिवसुदामा नौटंकी पेश करेंगे। इस प्रकार 24 मंचों पर 05 हजार से अधिक कलाकार लोकसंगीत, शास्त्रीय नृत्य, काव्यपाठ कार्यक्रमों से लोकजीवन की अनुभूति प्रदान करेगे। महाकुम्भ आस्था, संस्कृति तथा अध्यात्म का समागम ही नहीं बल्कि विश्व के हर कोने से आने वाले श्रद्धालुओं का भी संगम है। संगम में आस्था की डुबकी लगाने के लिए विश्व के तमाम रास्ते संगम की ओर चले आ रहे हैं। मा0 प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन तथा मा0 मुख्यमंत्री जी के कुशल निर्देशन में विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक समागम लगातार आस्था की उचाईयों की ओर बढ़ रहा है। अब तक 05 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा चुके है।

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