लखनऊ। इंडिया गठबन्धन की भागीदार और उत्तर प्रदेश में वामपंथी मोर्चे की प्रमुख घटक भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने आगामी चुनावों में छह लोकसभा सीटों पर लड़ने का प्रस्ताव पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी को अनुमोदन के लिए भेजा है। विचाराधीन अन्य सीटों पर राष्ट्रीय नेतृत्व से चर्चा के बाद निर्णय लिया जायेगा। राष्ट्रीय नेतृत्व के अनुमोदन के बाद इन सीटों के प्रत्याशियों की घोषणा की जायेगी।
यह निर्णय सोमवार को लखनऊ में हुई भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव मंडल की बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता पार्टी के राज्य सचिव अरविन्द राज स्वरूप ने की। बैठक में राज्य पार्टी के केन्द्रीय प्रभारी एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य डा. गिरीश ने देश-प्रदेश के राजनीतिक हालात पर चर्चा की। भाकपा राज्य सचिव मंडल के बयान में कहा गया है कि वामपंथी दल उत्तर प्रदेश में आम जनता के ज्वलन्त सवालों पर प्रदेश में निरन्तर मिल कर संघर्ष कर रहे हैं। जमीनी स्तर पर वे भाजपा की डबल इंजन सरकार की जनविरोधी नीतियों और कारगुजारियों का पर्दाफाश कर रहे हैं।
इसके बावजूद प्रदेश में इंडिया गठबन्धन के कुछ घटक दलों ने एकतरफा तरीके से लोकसभा सीटों की घोषणा कर दी। वामपंथी दलों से न तो कोई वार्ता की और न ही गठबन्धन की संयुक्त बैठक बुलाई।
इन स्थितियों में वामदल अपनी पार्टी द्वारा लड़ी जाने वाली सीटों को चिन्हित करने को बाध्य हुये हैं। भाकपा ने फिलहाल बांदा, गाजीपुर, घोसी, राबर्ट्सगंज (सु.) शाहजहांपुर(सु. ) एवं धौरहरा लोकसभा सीटों पर उम्मीदवार उतारने का निर्णय लिया है। बयान में कहा गया है कि वामपंथी दलों के बीच आपसी समन्वय पर बातचीत जारी है। इंडिया गठबन्धन के दलों से भी वार्ता के द्वार खुले हैं।
बयान में कहा गया है कि भाजपा और संघ के सांप्रदायिक फासीवाद को वामपंथ ही वैचारिक चुनौती दे सकता है। संविधान, लोकतन्त्र एवं संसदीय प्रणाली को समाप्त करने के भाजपा के प्रयासों से लड़ने को संसद में वामपंथ की मजबूत मौजूदगी जरूरी है।
सचिव मंडल की बैठक में राज्य प्रभारी डा. गिरीश, राज्य सचिव अरविन्द राज स्वरूप, पूर्व विधायक इम्तियाज अहमद, मोतीलाल, फूलचन्द यादव, राजेश तिवारी एवं रामचंद्र सरस उपस्थित रहे।
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