Home लखनऊ 69000 शिक्षक भर्ती: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई न होने से अभ्यर्थियों में रोष, घेरा शिक्षा मंत्री संदीप सिंह का आवास
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69000 शिक्षक भर्ती: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई न होने से अभ्यर्थियों में रोष, घेरा शिक्षा मंत्री संदीप सिंह का आवास

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लखनऊ। 69000 शिक्षक भर्ती में शामिल आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने सोमवार को बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव किया। बड़ी संख्या में पहुंचे अभ्यार्थी यहां जोरदार नारेबाजी कर रहे हैं मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है। अभ्यर्थियों का कहना है कि 69000 शिक्षक भर्ती में व्यापक स्तर पर अनियमितता हुई जिस कारण से आरक्षित वर्ग के हजारों अभ्यर्थी नौकरी पाने से वंचित हो गए। इस मामले की लंबी सुनवाई हाई कोर्ट में हुई और फैसला उनके पक्ष में आया। लेकिन सरकार की लापरवाही के कारण उसका पालन नहीं हो सका और अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट में है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट में भी पक्ष रखने से पीछे हट रही है। यह अभ्यर्थी मांग कर रहे हैं कि सरकार सुप्रीम कोर्ट में मजबूत पैरवी करे और जल्द इस मामले का निस्तारण कराये। सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 25 मार्च को होनी है। योगी सरकार 8 साल मिसाल का नारा दे रही लेकिन इन अभ्यर्थियों का कहना है कि इनका 5 साल बेहाल रहा।

धरना प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अमरेंद्र पटेल ने बताया कि वर्ष 2018 में यह भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी। जब इसका परिणाम आया तो इसमें व्यापक स्तर पर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के साथ अन्याय किया गया और उन्हें नौकरी देने से वंचित कर दिया गया। एक लंबे आंदोलन और न्यायिक प्रक्रिया से गुजरने के बाद 13 अगस्त 2024 को लखनऊ हाई कोर्ट के डबल बेंच ने आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के हित में फैसला सुनाया और नियमों का पालन करते हुए तीन महीने के अंदर अभ्यर्थियों को नियुक्ति दिए जाने का आदेश दिया। लेकिन सरकार इस प्रकरण में हीला हवाली करती रही और मामला सुप्रीम कोर्ट में चला गया। सुप्रीम कोर्ट में भी सरकार लापरवाही कर रही है जिस कारण से आज हम लोगों को सड़क पर उतरना पड़ा। हमारी यही मांग है की सरकार सुप्रीम कोर्ट में हमारी मजबूत पैरवी करें और हमें जल्द न्याय दिलाए।

बेसिक शिक्षा विभाग के मंत्री संदीप सिंह से अभ्यर्थियों की मुलाकात हुई अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए उनसे आग्रह किया। शिक्षा मंत्री ने अपने आवास पर ही बेसिक शिक्षा महानिदेशक कंचन वर्मा, निदेशक प्रताप सिंह बघेल अन्य सक्षम अधिकारियों को बुलाकर उनसे से बातचीत की। मंत्री के सामने ही अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट में केस में मेन्सन कराए जाने का आश्वासन अभ्यर्थियों को दिया है। सुनवाई कल 25 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में होनी है।
शिक्षा मंत्री के आवास प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों को पुलिस ने बस में बैठाकर इको गार्डन धरना स्थल छोड़ दिया।

मंत्री से मुलाकात करने वाले अभ्यर्थियों में अमरेंद्र पटेल, कृष्ण चंद, विक्रम, हसीन हिंदुस्तानी, प्रमिला, कल्पना शामिल रही।

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