नई दिल्ली। एडवोकेट अमेंडमेंट बिल 2025 के विरोध में दिल्ली के सभी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में सोमवार से काम काज ठप है. पूर्वी दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट में वकीलों ने शुक्रवार सुबह परिसर में इक_ा होकर एडवोकेट अमेंडमेंट बिल 2025 का विरोध जताया. इस दौरान वकीलों ने अमेंडमेंट बिल 2025 का पुतला जलाकर जमकर नारेबाजी की. जानकारी के मुताबिक तीस हजारी और रोहिणी कोर्ट के वकीलों ने अपनी नाराजगी जताने के लिए प्रदर्शन किया.
लखनऊ सहित यूपी के कई जिलों में वकीलों ने प्रदर्शन किया
केंद्र सरकार के अधिवक्ता संशोधन बिल 2025 को लेकर बार एसोसिएशन के नेतृत्व में लखनऊ सहित यूपी के कई जिलों में वकीलों ने प्रदर्शन किया और बिल की प्रतियां जला दीं. इस दौरान उन्होंने काला कानून वापस लो… अधिवक्ता एकता जिंदाबाद… जैसे नारे लगाए. लखनऊ में अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट से लेकर हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा तक मार्च किया। वकील विधानभवन का घेराव करने जा रहे थे. हालांकि, पुलिस ने बैरीकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया.
वकीलों ने बताया कि एडवोकेट एक्ट में अमेंडमेंट कर कुछ एक्ट को चेंज किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि 35ए को चेंज किया जा रहा है, जिसमें किसी भी तरीके के हड़ताल या काम बंद करने पर रोक लगाई जा रही है. जो भी ऐसा करेगा उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि अमेंडमेंट में यह भी प्रावधान है कि केंद्र सरकार बार काउंसिल ऑफ इंडिया को कोई भी डायरेक्शन दे सकता है, जिसे मानना बार काउंसिल ऑफ इंडिया को जरूरी होगा.
इसका मतलब साफ है वकील सरकार के अधीन होकर चलेंगे. वकील किसी सरकार के कर्मचारी नहीं है, यह एक आजाद पेशा है. आजादी से पहले भी वकील आजाद थे और आगे भी आजाद रहेंगे.
उन्होंने यह भी कहा कि एडवोकेट एक्ट में अमेंडमेंट की कोई जरूरत नहीं थी. अगर सरकार इस पर अड़ी रही तो वह लोग लंबी लड़ाई के लिए तैयार है. वकीलों को लड़ाने और तोड़ने की कोशिश की जा रही है. क्लाइंट को भी अधिकार दिया जा रहा है कि वह वकील पर मुकदमा दर्ज कर सकता है. ऐसे में वकील अपने ही मुकदमे लड़ते रहेंगे. जब तक इस अमेंडमेंट को वापस नहीं लिया जाता, तब तक उनका हड़ताल जारी रहेगी.
Leave a comment