गोरखपुर : स्थानीय थाना क्षेत्र के ग्राम निबी दुबे की एक गर्भवती विवाहिता की तहरीर पर पुलिस ने पति, सास, ससुर और ननद के खिलाफ अतिरिक्त दहेज की मांग, मारपीट, मानसिक उत्पीड़न और जान से मारने की धमकी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
बड़हलगंज थाना क्षेत्र निवासी पीड़िता निधि दुबे ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि उसकी शादी दिसंबर 2025 में शिवांश दुबे से हुई थी। विवाह में उसके मायके पक्ष ने लगभग 25.51 लाख रुपये नकद तथा घरेलू सामान दिया था। आरोप है कि शादी के एक सप्ताह बाद ही पति शिवांश दुबे ने कार खरीदने के लिए मायके से 10 लाख रुपये लाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। विरोध करने पर पति, सास, ससुर तथा ननद ने उसके साथ मारपीट और गाली-गलौज की।
पीड़िता का आरोप है कि गर्भवती होने के बाद भी उस पर गर्भपात कराने का दबाव बनाया गया। मार्च 2026 में पति ने जबरन गर्भ गिराने की दवा देने का प्रयास किया और अतिरिक्त दहेज न लाने पर उसे तथा गर्भस्थ शिशु को जान से मारने की धमकी दी। 24 अप्रैल को मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया गया। मायके पहुंचने के बाद उपचार कराने पर चिकित्सकों ने चोट के कारण गर्भस्थ शिशु के हृदय के पास समस्या होने की जानकारी दी।
तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया है कि 24 जून को ससुराल लौटने पर उसके जेवर गायब मिले। पूछने पर पति और ससुर ने जेवर अपने पास होने की बात कही। इसके बाद फिर मारपीट की गई। 5 जुलाई की रात और अगले दिन सुबह भी उसके साथ मारपीट कर गर्भपात कराने का दबाव बनाया गया तथा दहेज की रकम न मिलने पर उसे और उसके गर्भस्थ शिशु को जान से मारने की धमकी दी गई।
पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर पति, सास, ससुर और ननद के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 85 , धारा 115(2) , धारा 352 और धारा 351(3) तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 की धारा 3 और धारा 4 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है तथा जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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