
पाचन एवं यकृत रोगों के मरीजों को मिलेगी विशेषज्ञ उपचार की बेहतर सुविधा, पूर्वांचल में सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा नया विस्तार
गोरखपुर। पूर्वांचल के मरीजों को बेहतर एवं विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एम्स गोरखपुर ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। संस्थान में शनिवार को 15 बेड वाले अत्याधुनिक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी वार्ड का शुभारंभ किया गया। वार्ड का उद्घाटन एम्स गोरखपुर के अध्यक्ष पद्मश्री प्रो. (डॉ.) हेमंत कुमार ने किया।
इस अवसर पर एम्स गोरखपुर की कार्यकारी निदेशक मेजर जनरल प्रो. (डॉ.) विभा दत्ता, स्टैंडिंग एकेडमिक कमेटी के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) विना सिंह तथा गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के अतिरिक्त आचार्य प्रो. (डॉ.) सौरव केडिया सहित संस्थान के वरिष्ठ चिकित्सक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए पद्मश्री प्रो. (डॉ.) हेमंत कुमार ने कहा कि आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित यह नया वार्ड गैस्ट्रोएंटरोलॉजी से संबंधित रोगों के उपचार, निगरानी और देखभाल को नई मजबूती प्रदान करेगा। इससे पूर्वांचल के मरीजों को अपने क्षेत्र में ही उच्चस्तरीय एवं विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिल सकेगा और उन्हें बेहतर उपचार के लिए अन्य शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
कार्यकारी निदेशक मेजर जनरल प्रो. (डॉ.) विभा दत्ता ने कहा कि एम्स गोरखपुर रोगी-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए लगातार प्रयासरत है। गैस्ट्रोएंटरोलॉजी वार्ड की स्थापना से पाचन तंत्र एवं यकृत संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार, बेहतर चिकित्सकीय निगरानी और विशेषज्ञ डॉक्टरों की समर्पित सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। उन्होंने बताया कि भविष्य में विभाग को चरणबद्ध तरीके से और अधिक विकसित किया जाएगा, जिससे पूर्वांचल के अधिक से अधिक मरीजों को उन्नत सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिल सके।
एम्स प्रशासन के अनुसार, नवस्थापित 15 बेड के इस गैस्ट्रोएंटरोलॉजी वार्ड के शुरू होने से पाचन तंत्र, लीवर एवं अन्य गैस्ट्रो संबंधी गंभीर बीमारियों के उपचार की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। यह पहल न केवल मरीजों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करेगी, बल्कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सेवाओं को भी नई मजबूती प्रदान करेगी।
Leave a comment