आगरा। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रदेश में दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक समुदाय — जिसे सपा ‘पीडीए’ परिवार कहती है — पर हमले सत्ता के संरक्षण में हो रहे हैं। उन्होंने आगरा में पार्टी सांसद रामजी लाल सुमन के घर पर हुए हमले को “सरकार प्रायोजित साजिश” बताया और कहा कि यह घटना भाजपा की प्रभुत्ववादी और सामंतवादी सोच का परिणाम है।शनिवार को अखिलेश यादव ने आगरा पहुंचकर सांसद सुमन और उनके परिजनों से मुलाकात की और उन्हें समर्थन का भरोसा दिलाया। इसके बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि सुमन के घर पर हमला अचानक नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जानबूझकर पीडीए समुदाय को डरा रही है ताकि उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रिया से बाहर किया जा सके।
अखिलेश ने कहा, “जब मैं अपने दलित सांसद के साथ खड़ा हूं तो मुझे गोली मारने की धमकी दी जा रही है। भाजपा सरकार को इसका संज्ञान लेना चाहिए लेकिन वह आंख मूंदे बैठी है। एफआईआर तक दर्ज नहीं हो रही है। अगर समाजवादी पार्टी के लोग शिकायत करें, तो भी पुलिस कार्रवाई नहीं करती।”सपा अध्यक्ष ने आगरा की घटना में लहराई गई नंगी तलवारों की ओर इशारा करते हुए कहा कि “ड्रोन की निगरानी में भाजपा समर्थकों ने तलवारें लहराईं लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं सम्राट अशोक की जयंती पर एक सामान्य आयोजन में तलवार से केक काटने पर कार्रवाई की गई।
“उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पीडीए के आरक्षण के खिलाफ है। उन्होंने दावा किया कि 2016 की पुलिस भर्ती में भाजपा सरकार ने नियम बदलकर 1700 दलित-पिछड़े उम्मीदवारों को नौकरी से बाहर कर दिया। प्रयागराज, इटावा, जौनपुर, आजमगढ़, आगरा जैसे जिलों में हाल के दिनों में दलितों और पिछड़ों पर हुए हमलों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में अपराधियों को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है।अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि राज्य में कानून का राज नहीं रह गया है और भाजपा संविधान के अनुसार नहीं चल रही है। उन्होंने समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे पीडीए के हक और सम्मान की लड़ाई को और मजबूती से लड़ें।
अखिलेश यादव के साथ आगरा पहुंचे नेताओं में सांसद रामजी लाल सुमन, सपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरनमय नंदा, सांसद रामभुआल निषाद, विधायक मुकेश वर्मा, पूर्व एमएलसी असीम यादव, डॉ. राजपाल कश्यप, समाजवादी अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के अध्यक्ष राहुल भारती, जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण वर्मा और महानगर अध्यक्ष वाजिद निसार समेत कई अन्य नेता मौजूद थे।अखिलेश यादव ने आगरा की जनता से भी अपील की कि वे शहर की शांति और सौहार्द को बिगाड़ने वाली राजनीति का विरोध करें। उन्होंने कहा कि आगरा की अंतरराष्ट्रीय पहचान को नफरत की राजनीति से नुकसान पहुंचेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन प्रभावित होगा।
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