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अब हर पीआरडी स्वयंसेवक को 395 रुपए की बजाय 500 रुपए मिलेगा भत्ता

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अब हर पीआरडी स्वयंसेवक को 395 रुपए की बजाय 500 रुपए मिलेगा भत्ता

सरकार के फैसले से प्रदेश में 34 हजार से अधिक पीआरडी स्वयंसेवकों को होगा लाभ

प्रदेश सरकार पर आयेगा 75 करोड़, 87 लाख, 50 हजार रुपये का अतिरिक्त व्यय भार

योगी सरकार ने पीआरडी स्वयंसेवकों का बढ़ाया ड्यूटी भत्ता

लखनऊ। योगी सरकार ने प्रदेश में पीआरडी स्वयंसेवकों को सौगात देते हुए इनके ड्यूटी भत्ते में लगभग 26 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है। अब इन्हें ड्यूटी भत्ते के तौर पर 500 रुपये दिए जाएंगे। इसका लाभ प्रदेश के 35 हजार पीआरडी जवानों को मिल सकेगा। सीएम योगी की अगुवाई में मंगलवार को लोकभवन में आयोजित मंत्री परिषद की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई। इसके तहत पीआरडी जवानों का भत्ता 395 रुपये से बढ़ाकर अब इसे 500 रुपये कर दिया गया है। मौजूदा समय में प्रदेश में 34 हजार से अधिक पीआरडी जवान तैनात हैं और इस बढ़ी हुई राशि का लाभ इन सभी जवानों को मिल सकेगा। सरकार के इस कदम से प्रदेश के पीआरडी जवानों में खुशी लहर है।

30 दिन की ड्यूटी पर 3150 रुपए की होगी वृद्धि


मंत्री परिषद की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए वित्त एवं संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि बैठक में कुल 15 प्रस्ताव रखे गए, जिसमें 13 को स्वीकृति प्रदान की गई। इसी में प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) का ड्यूटी भत्ता बढ़ाने के निर्णय को भी मंजूरी मिली। उन्होंने बताया कि मंत्री परिषद ने पीआरडी जवानों के ड्यूटी भत्ते को 395 रुपये 500 रुपए किये जाने पर अपनी सहमति दी है। ड्यूटी भत्ते में यह 105 रुपये की वृद्धि एक अप्रैल 2025 से लागू मानी जायेगी। उन्होंने बताया कि इस पर प्रदेश सरकार पर 75 करोड़ 87 लाख 50 हजार रुपये का अतिरिक्त व्यय भार आयेगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कुल 34092 पीआरडी स्वयंसेवक हैं, जिन्हें इसका लाभ मिलेगा। प्रस्ताव के क्रियान्वयन के बाद पीआरडी स्वयंसेवकों की 30 दिन की उपस्थिति के आधार पर ड्यूटी भत्ते में 3150 रुपए प्रतिमाह की बढ़ोत्तरी हो जायेगी।

अधीनस्थ सहकारी समितियां और पंचायत लेखा परीक्षा सेवा नियमावली में पुनर्गठन के प्रस्ताव को मंजूरी
मंत्री परिषद की बैठक में वित्त विभाग का भी प्रस्ताव रखा गया। इसके अंतर्गत उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सहकारी समितियां और पंचायत लेखा परीक्षा सेवा नियमावली 2025 पुनर्गठन के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि अभी तक जो प्रमोशन के पद थे वो ज्यादा थे और नीचे के पद कम थे। अब इस पिरामिड को ठीक किया गया है। इसके अंतर्गत अब नीचे वाले पद ज्यादा किए गए हैं। उन्होंने बताया कि इसके अंतर्गत कुल 1307 पदों में से 150 पदों को उच्चीकृत करते हुए सहायक लेखा परीक्षाधिकारी के पूर्व सृजित 255 पदों में सम्मिलित कर सहायक लेखा परीक्षाधिकारी के कुल 405 पद एवं 1307 पदों में से 464 पद निम्नीकृत करते हुए लेखा परीक्षक के रूप में सृजित 436 पदों में सम्मिलित कर लिया गया है। यानी नीचे के पद कुल 900 हो गए। पुनर्गठन की प्रक्रिया के तहत नीचे के पद ज्यादा होंगे और ऊपर धीरे-धीरे कम होते चले जाएंगे।

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